Tuesday, March 29, 2022

क़ुरआन काआसान अनुवाद/ Quran Blog in Hindi: सूरह 100: अल-आदियात [हाँफते-दौड़ते घोड़े, The Charging Steeds]

  

सूरह 100: अल-आदियात

[हाँफते-दौड़ते घोड़े, The Charging Steeds]


यह मक्का के शुरुआती ज़माने की सूरह है जिसमें अल्लाह ने जंग में लड़ने वाले घोड़ों की क़सम खायी है जिसे अल्लाह ने इंसानों के फ़ायदे के लिए काम पर लगा रखा है, मगर इंसान अल्लाह की मेहरबानियों का शुक्र अदा नहीं करता और गुमराह हो जाता है। 

 

विषय: 

01-11: इंसान (अल्लाह का) शुक्र अदा नहीं करता 


 

अल्लाह के नाम से शुरू जो सब पर मेहरबान हैअत्यंत दयावान है

(हमले के लिए) सरपट दौड़ते और हाँफते हुए घोड़ों की क़सम,  (1)

और जो पत्थरों पर ठोकर मारकर चिंगारियाँ उड़ाते हैं,  (2)

जो सुबह होते ही (दुश्मनों पर) अचानक छापा मारते हैं,  (3)

चारों ओर धूल-गर्द उड़ाते हुए,  (4)

फिर उसी समय (दुश्मनों के) लश्कर में जा घुसते हैं।  (5)


बेशक इंसान अपने रब का शुक्र अदा नहीं करता [Ungrateful] है (जबकि एक घोड़ा भी अपनी जान की परवाह किए बिना आदमी से वफ़ादारी निभाता है) --- (6)

और वह (इस नाशुक्री) पर ख़ुद ही गवाह है-----  (7)

और सच्चाई यह है कि वह [इंसान] धन के मोह में बहुत पक्का है।  (8)

तो क्या उसे पता नहींजब क़ब्रों के भीतर जो कुछ (मरे-पड़े लोग] हैंउन्हें फाड़कर बाहर निकाल दिया जाएगा,  (9)

और जो (राज़) सीनों में छुपे होंगेवह सामने आ जाएंगे, (10)

उनका रब उस दिनउन सबके (कर्मों) से अच्छी तरह परिचित होगा।   (11)



नोट:


1-5: यहाँ उन तेज़ रफ़्तार दौड़ते हुए घोड़ों की क़सम खायी गई है जो अचानक सुबह के समय दुश्मनों पर हमला करते थे, यह हमला ऐसा चौंकाने वाला होता था कि दुश्मन अचानक अपने सामने फ़ौज देखकर बुरी तरह घबरा जाता था। इसी तरह से एक दिन अचानक क़यामत आ जाएगी और मारे डर व हड़बड़ाहट के किसी को कुछ समझ नहीं आएगा, फिर कर्मों के हिसाब के लिए मुर्दा पड़े लोगों को दोबारा उठाया जाएगा। 

6:  अल्लाह ने घोड़े जैसे इतने मज़बूत जानवर को इंसान के वश में कर दिया हैयहाँ इंसानों को याद दिलाया जा रहा है कि वह अपने मालिक और पैदा करनेवाले के इस एहसान का शुक्र अदा करने के बजाय उसके हुक्म को नहीं मानता (देखें 36:72) और अपने पालनहार का इतना भी वफ़ादार नहीं जितने उसके घोड़े उसके वफ़ादार हैं।

8: धन का मोह ऐसा होता है कि आदमी अच्छाई के कामों से दूर हो जाता हैया गुनाह करने में लग जाता है।

9: क़यामत के दिन सारे लोग क़ब्र फाड़कर बाहर निकल आएंगे (देखें 82:4). 








 

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