सूरह 82: अल-इंफ़ितार
[चीरकर अलग कर देना / Torn Apart]
यह एक मक्की सूरह है जिसमें आदमी की नाशुक्री और उसका इस सच्चाई को मानने से इंकार करना कि एक दिन क़यामत का आना निश्चित है, इन दोनों विषयों पर चर्चा की गई है। यहाँ भी सूरह के शुरू में क़यामत के दिन की घटनाओं को बड़े ही प्रभावशाली अंदाज़ में बयान किया गया है, और इस सूरह का नाम भी इसी बयान से लिया गया है।
विषय:
01-05: क़यामत का दिन
06-16: कर्मों का फ़ैसला ज़रूर होगा
17-19: फ़ैसले का दिन क्या है, जान लें
अल्लाह के नाम से शुरू जो सब पर मेहरबान है, अत्यंत दयावान है
जब आसमान चीरकर अलग कर दिया जाएगा, (1)
जब तारे (और ग्रह) गिरकर बिखर जाएंगे, (2)
जब समुंदर भड़क उठेंगे (और अपने किनारे तोड़ डालेंगे), (3)
जब क़ब्रें उखाड़ दी जाएंगी (और मुर्दे बाहर निकाल दिये जाएंगे): (4)
तो हर आदमी जान लेगा कि क्या (अच्छा/बुरा कर्म) उसने (दुनिया में) किया है, और क्या (कर्म) छोड़ आया है जो वह नहीं कर सका। (5)
ऐ इंसान! तुझे किस चीज़ ने अपने रहम करनेवाले रब [रहमान] के बारे में धोखे में डाल रखा है? (6)
जिसने तुझे पैदा किया, फिर उसने तुझे (ढाँचा और अंग बनाने के लिए) ठीक-ठाक किया, फिर तेरी संरचना को सही अनुपात दिया, (7)
जिस रूप में भी चाहा, उसने तुझे जोड़कर तैयार कर दिया। (8)
फिर भी तुम उस फ़ैसले के दिन को अभी तक झूठ जानते हो! (9)
हालांकि तुम पर निगरानी रखने वाले [फ़रिश्ते] निर्धारित हैं, (10)
(जो) बहुत सम्मानित हैं, (तुम्हारे कर्मों का लेखा-जोखा) लिखते रहते हैं, (11)
वह उन (सभी कार्यों) को जानते हैं जो तुम करते हो: (12)
अच्छा कर्म करने वाले (जन्नत की) नेमतों में आनंद से होंगे, (13)
और बुरे कर्मवाले जहन्नम (की भड़कती हुई आग) में जलेंगे। (14)
वे इसमें फैसले के दिन [क़यामत] दाख़िल होंगे, (15)
और वे इस (नरक) से (कभी भी) भाग नहीं सकेंगे। (16)
और आपने क्या समझा कि वह फ़ैसले का दिन क्या है? (17)
हाँ! आपको क्या मालूम कि फ़ैसले का दिन क्या है? (18)
(यह) वह दिन होगा जब कोई भी जान किसी दूसरे के लिए कुछ भी नहीं कर सकेगी; और उस दिन (हर) आदेश, अल्लाह का ही चलेगा। (19)
नोट:
5: जो कर्म दुनिया में करके (आख़िरत/परलोक के लिए) आगे भेजा है, और वैसे कर्म जो कि दुनिया में करने चाहिए थे, मगर नहीं कर सका, वह पीछे छोड़ आया है।
9: यानी लोग अभी भी इसी धोखे में हैं कि उन्हें मरने के बाद हिसाब-किताब के लिए दोबारा ज़िंदा नहीं किया जाएगा!
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