Tuesday, March 29, 2022

 सूरह 114: अन-नास

[आदमी लोग, People]


यह मक्की/मदनी सूरह है, पिछली सूरह की तरह यह भी एक दुआ है जिसे शैतान या इंसानों जिन्नों की बुराई के ख़िलाफ अल्लाह की पनाह मांगने के लिए किया जाता है। यह आख़िरी सूरह इस बात पर ज़ोर देती है कि अल्लाह सबका रब है और उसके पास हर चीज़ की ताक़त है, और यह कि हमें केवल उसी से मदद मांगनी चाहिए, इस तरह यह पहली सूरह के केंद्रीय विषय से जुड़ जाती है। 

 

 

अल्लाह के नाम से शुरू जो सब पर मेहरबान हैअत्यंत दयावान है

[ऐ रसूल] आप कह दें कि “मैं (सबइंसानों के रब की पनाह [शरण] माँगता हूं,  (1)

जो (सब) लोगों का मालिक [Controller] है,  (2)

सब लोगों का ख़ुदा है (जिसकी बंदगी की जाती है),  (3)  

(पनाह माँगता हूँचुपके-चुपके मन में बुराई की सोच डालने वाले (शैतान) की बुराई सेजो (अल्लाह को याद करने सेपीछे को छुप जाता है ------ (4)

जो लोगों के दिलों में बुराई की सोच बैठा देता है -------  (5)

चाहे वह (बुराई पर उकसाने वाला शैतान) जिन्नों में से हो (जो दिखायी न देता हो) या आदमियों में से।”  (6)

 

 

नोट:

1: इस सूरह के अलावा चार और ऐसी सूरह हैं जो इसी तरह से शुरु हुई हैं कि "आप कह दें", देखें 72, 109, 112 और 113.

4: मन में बुराई की सोच डालने वाले शैतान के बारे में देखें 7:20; 20:120; 22:52; 50:16.

6: सूरह अनाम (6: 112) में बताया गया है कि शैतान जिन्नों में से भी होते हैं और इंसानों में से भी। हाँजो शैतान जिन्नों में से होता हैवह दिखायी नहीं देता और वह दिलों में बुराइयाँ बैठा देता हैलेकिन इंसानों में से जो शैतान होते हैंवह नज़र आते हैं और उनकी बातें ऐसी होती हैं कि उनकी बातें सुनकर इंसान के दिल में तरह-तरह के बुरे विचार आ जाते हैंइसलिए इस आयत में मन के अंदर दोनों प्रकार की बुराई डालने वालों से पनाह माँगी गई है। शैतान की चालें कमज़ोर होती हैं और उसमें इतनी ताक़त नहीं है कि वह इंसान को गुनाह करने पर मजबूर कर सके। यह तो इंसान की आज़माइश है कि वह इंसान को बहकाने की कोशिश करता हैलेकिन जो बंदा उसके बहकावे में आने से इंकार करके अल्लाह की पनाह माँग लेतो शैतान उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता।

क़ुरआन की शुरुआत सूरह फातिहा से हुई थी जिसमें अल्लाह की तारीफ़ के बाद अल्लाह से ही सीधे रास्ते के मार्गदर्शन की दुआ की गई हैऔर इसका अंत सूरह नास पर हुआ है जिसमें शैतान की बुराइयों से पनाह माँगी गई हैक्योंकि सीधे रास्ते पर चलने में उसकी बुराई से जो रुकावट पैदा हो सकती थीउसे दूर करने का तरीक़ा बता दिया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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